RajjuThehatCase: जयपुर: सुप्रीम कोर्ट ने राजू ठेहट हत्याकांड के एक नाबालिग आरोपी को जमानत पर रिहा करने का महत्वपूर्ण आदेश दिया है। जस्टिस एएस ओका और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने इस आदेश में कहा है कि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाए, जो जमानत के आदेश जारी करेगा।
कोर्ट ने सुनी दलीलें, दिए आदेश
अधिवक्ता अभिसार भानू सिंह ने अदालत में दलील दी कि इस मामले में नाबालिग से किसी प्रकार की महत्वपूर्ण बरामदगी नहीं हुई है और आरोप पत्र भी पेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि नाबालिग पर आरोप है कि उसने हत्याकांड में शामिल आरोपियों को मोबाइल, वाहन और हथियार उपलब्ध कराए थे, लेकिन अभियोजन पक्ष के पास इस बात के ठोस साक्ष्य नहीं हैं। कॉल रिकॉर्ड के आधार पर नाबालिग को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
नाबालिग की लंबी हिरासत पर चिंता
अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मामले का ट्रायल पूरा होने में काफी समय लगेगा और नाबालिग को लगभग एक साल दस महीने से किशोर गृह में रखा गया है। इस पर ध्यान देते हुए खंडपीठ ने नाबालिग को जमानत पर रिहा करने का निर्णय लिया।
घटना की पृष्ठभूमि
3 दिसंबर, 2022 को चार बदमाशों ने राजू ठेहट को उसके सीकर स्थित घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, और अन्य आरोपियों को भी बाद में पकड़ा गया। वर्तमान में सीकर की अदालत में लगभग 27 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश हत्याकांड से जुड़े मामले में एक नया मोड़ ला सकता है, और नाबालिग आरोपी की जमानत पर रिहाई के बाद आगामी कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल उठ सकते हैं।
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