सोजत की 3100 किलो मेहंदी से 6 सितंबर को गणेश मंदिर में होगा सिंजारा का समारोह

 जयपुर। राजधानी जयपुर स्थित मोती डूंगरी गणेश मंदिर में इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी, 7 सितंबर 2024 को भव्य तरीके से मनाया जाएगा। 31 अगस्त को पुष्य नक्षत्र पर भगवान गणेश के पंचामृत अभिषेक से इस उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। 

इस विशेष अभिषेक में भगवान गणेश की प्रतिमा को 251 किलोग्राम दूध, 25 किलोग्राम बूरा, 50 किलोग्राम दही, 11 किलोग्राम शहद और 11 किलोग्राम घी से स्नान कराया गया। इस दिन 501 महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा भी निकाली।


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उत्सव के प्रमुख कार्यक्रम:

  • 1 सितंबर: शाम 7 बजे मंदिर परिसर में ध्रुपद गायन कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसे भगवान गणेश को विशेष रूप से प्रिय माना जाता है।
  • 2-3 सितंबर: कत्थक नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

विशेष भोग और प्रसाद:

  • 4 सितंबर: मोदकों की भव्य झांकी सजाई जाएगी, जिसमें 251-251 किलोग्राम के दो विशाल मोदक, 51-51 किलोग्राम के 5 मोदक, 21-21 किलोग्राम के 21 मोदक, 1.25-1.25 किलोग्राम के 1100 मोदक और हजारों छोटे मोदक शामिल होंगे। इस झांकी की तैयारी में लगभग 2500 किलोग्राम शुद्ध घी, 3000 किलोग्राम बेसन, 9000 किलोग्राम शक्कर और 100 किलोग्राम सूखे मेवे का उपयोग किया गया है।

सिंजारा और मेहंदी प्रसाद:

  • 6 सितंबर: सिंजारा के अवसर पर भगवान गणेश को 3100 किलो सोजत की मेहंदी धारण कराई जाएगी। मेहंदी का प्रसाद 5 स्थानों पर वितरित किया जाएगा, विशेष रूप से महिलाओं और कन्याओं के लिए अलग पंक्तियों में व्यवस्था की जाएगी। मेहंदी वितरण पूजा के बाद रात 7.30 बजे शुरू होगा।

  • 6 सितंबर: भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार भी किया जाएगा। इस श्रृंगार में भगवान को स्वर्ण मुकुट, विशेष पोशाक, चांदी के सिंहासन, और नौलखा हार पहनाया जाएगा। नौलखा हार को महंत परिवार ने 3 महीने की मेहनत से तैयार किया है।

मुख्य उत्सव दिन:

  • 7 सितंबर: गणेश चतुर्थी पर दर्शन सुबह 4 बजे मंगला आरती से शुरू होंगे। विशेष पूजन सुबह 11.20 बजे, श्रृंगार आरती 11.30 बजे, भोग आरती दोपहर 2.15 बजे, संध्या आरती शाम 7 बजे, और शयन आरती रात 11.30 बजे होगी।

भव्य शोभा यात्रा:

  • 8 सितंबर: भगवान गणेश की भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा मोती डूंगरी मंदिर से शुरू होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर तक पहुंचेगी।

इस बार गणेश चतुर्थी उत्सव मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भव्य और विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को इस पावन अवसर पर विशेष आनंद और भक्ति का अनुभव होगा।

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